Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशॠके लिठ6 महीने तक सिरà¥à¤« सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की सलाह दी जाती है (1)। इसके बाद धीरे-धीरे शिशॠके आहार में सॉलिड फूड को शामिल किया जाता है। फिर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤• साल से अधिक समय तक दूध पिलाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• समय बाद शिशà¥à¤“ं में दूध पीने की आदत अपने आप छà¥à¤Ÿ सकती है, जिसके पीछे कई विशेष कारण नहीं होते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रात में दूध पीने की आदत को कम करने से जà¥à¥œà¥€ जानकारी लेख में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का रात में दूध पीना छà¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
शिशॠको जब à¤à¥€ à¤à¥‚ख लगती है, तो मां उसे दूध पिलाती है, चाहे दिन हो या रात। वहीं, à¤à¤• समय बाद रात में बचà¥à¤šà¥‡ की दूध पीने की आदत पर रोक लगाना जरूरी हो जाता है। इसके पीछे निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कारण जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकते हैं :
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• रिसरà¥à¤š से पता चलता है कि रात में बोतल के जरिठदूध पिलाने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दांत सड़ने का जोखिम बढ़ सकता है (2)।
जो शिशॠबोतल से दूध पीते हैं, अगर रात में दूध की बोतल को बचà¥à¤šà¥‡ के मà¥à¤‚ह से लगा छोड़ दिया गया है, तो इससे चोकिंग और कान के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का जोखिम बढ़ सकता है (3)।
वहीं, अगर बचà¥à¤šà¤¾ रात में बार-बार उठकर दूध पीने की मांग करता है, तो इससे न केवल बचà¥à¤šà¥‡ की नींद पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है, बलà¥à¤•ि इसका असर मां की नींद पर à¤à¥€ पड़ सकता है।
यही नहीं, अगर à¤à¤• उमà¥à¤° के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की रात में दूध पीने की आदत को नहीं छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¯à¤¾ गया, तो फिर आगे जाकर इसे छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ और अधिक कठिन हो सकता है।
अगर अनजाने में रात में बचà¥à¤šà¥‡ को दूध की बोतल के साथ छोड़ दिया गया, तो बचà¥à¤šà¤¾ जरूरत से अधिक दूध का सेवन कर सकता है, इससे शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा हो सकती है।
यहां हम बताà¤à¤‚गे कि कौन-सी आयॠमें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का दूध पीना छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
रात में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का दूध छà¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾ कब शà¥à¤°à¥‚ करें?
अगर बात करें, रात में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के आयॠकी, तो 6 महीने की उमà¥à¤° के बाद शिशॠके लिठयह पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया जा सकता है। दरअसल, 6 महीने तक शिशà¥à¤“ं को केवल मां के दूध की ही सलाह दी जाती है और मां का दूध की इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बनाठरखता है। वहीं, विशेषजà¥à¤ž 6 महीने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को सेमी-सॉलिड फूड देने की सलाह देते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बढ़ते बचà¥à¤šà¥‡ के शारीरिक और मानसिक विकास के लिठअनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की à¤à¥€ जरूरत होती है (4)।
वहीं, माना जाता है कि 6 महीने के बाद à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¤¾ रात में ठीक से सोना à¤à¥€ सीख जाता है। साथ ही दूध के अलावा दिठजाने वाले अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯-पदारà¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ का पेट à¤à¤°à¤¾ रखते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में रात में बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाने की जरूरत कम पड़ सकती है और इसलिठ6 महीने के बाद के समय को रात में बचà¥à¤šà¥‡ की दूध पीने की आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ का सही समय माना जा सकता है।
हालांकि, इस विषय से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सटीक वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शोध का अà¤à¤¾à¤µ है। à¤à¤¸à¥‡ में इस पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ को करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह à¤à¥€ जरूरी हो जाती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ का रात में दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है, इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¸à¥‡ मामलों में सही जानकारी दे सकते हैं।
नीचे जानें कि बचà¥à¤šà¤¾ दूध छोड़ने के लिठतैयार है कि नहीं।
बचà¥à¤šà¤¾ तैयार है, यह कैसे जानें?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रात में दूध पीने की आदत छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के कारण और उसका सही समय जानने के बाद यह जानना à¤à¥€ जरूरी हो जाता है कि कैसे पहचानें कि बचà¥à¤šà¤¾ रात में दूध पीने की आदत को छोड़ने के लिठबिलà¥à¤•à¥à¤² तैयार है। आइये, नीचे कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में जानते हैं, जिनसे आसानी से समà¤à¤¾ जा सकता है कि बचà¥à¤šà¤¾ रात में दूध पीने की आदत को छोड़ने के लिठतैयार है :
बचà¥à¤šà¤¾ दिन में ठीक से खाता है : अगर बचà¥à¤šà¤¾ दिन में दिठजाने वाले दूध के अलावा ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन ठीक से कर रहा है, तो उसे रात में à¤à¥‚ख कम लगेगी। à¤à¤¸à¥‡ में यह समà¤à¤¾ जा सकता है कि बचà¥à¤šà¤¾ रात में दूध छोड़ने के लिठतैयार है।
दूध पीने के समय खेलने लगे : अगर बचà¥à¤šà¤¾ रात में उठरहा है और दूध पिलाने पर उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ इधर-उधर à¤à¤Ÿà¤• रहा है, तो इसका मतलब है कि उसे à¤à¥‚ख नहीं लगी है। रात में दूध छोड़ने का यह à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ संकेत माना जा सकता है।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ सॉलिड फूड का सेवन करने लगे : शिशॠअगर सही तरीके से सॉलिड फूड का सेवन कर रहा है, तो à¤à¤¸à¥‡ में यह माना जा सकता है कि बचà¥à¤šà¤¾ अब रात में दूध पीने की आदत को छोड़ने के लिठतैयार है।
शिशॠका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास : 6 महीने की उमà¥à¤° के बाद बचà¥à¤šà¤¾ अगर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास कर रहा है, तो यह माना जा सकता है कि अब बचà¥à¤šà¤¾ धीरे-धीरे रात में दूध पीने की आदत को छोड़ने के लिठतैयार हो रहा है।
नीचे जानिठरात में बचà¥à¤šà¥‡ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ संबंधी टिपà¥à¤¸à¥¤
रात में बचà¥à¤šà¥‡ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के टिपà¥à¤¸
यहां हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ टिपà¥à¤¸ बता रहे हैं, जिसकी मदद से माताà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का रात में दूध पीना आसानी से छà¥à¤¡à¤¼à¤¾ सकती हैं।
तो चलिठसबसे पहले जानते हैं कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह आदत कैसे छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤à¤‚।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤
नीचे कà¥à¤°à¤®à¤µà¤¾à¤° जानिठरात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‡ का दूध पीना कैसे छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤à¤‚ :
बचà¥à¤šà¥‡ को खà¥à¤¦ से थोड़ा दूर सà¥à¤²à¤¾ कर : रात में सोते समय अपने और बचà¥à¤šà¥‡ के बीच में थोड़ी दूरी बना कर सोà¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ की रात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ का यह à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ तरीका हो सकता है।
à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ खाली होने तक दूध पिलाà¤à¤‚ : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हमेशा à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ खाली होने तक दूध पिलाà¤à¤‚। अगर बचà¥à¤šà¤¾ तà¥à¤°à¤‚त-तà¥à¤°à¤‚त सà¥à¤¤à¤¨ बदल कर दूध पीता है, तो इसका मतलब उसे हिंड मिलà¥à¤• (hind milk) नहीं मिल पा रहा है। इससे रात में उसके à¤à¥‚ख लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक हो सकती है। दरअसल, सà¥à¤¤à¤¨ के अंत में मौजूद दूध को हिंड मिलà¥à¤• कहा जाता है। इसमें हाई फैट, विटामिन ठऔर ई और अधिक कैलोरी होती है (5)। अगर बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ खाली होने तक दूध पीता है, तो वह रात जगकर बार-बार दूध की मांग कम कर सकता है।
शाम को दूध पिलाà¤à¤‚ : रात में बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की मांग न करे, इसके लिठशिशॠको शाम में ही अचà¥à¤›à¥‡ से दूध पिलाà¤à¤‚। इससे उसका पेट à¤à¤°à¤¾-à¤à¤°à¤¾ रहेगा और उसे रात में बार-बार à¤à¥‚ख नहीं लगेगी।
रात में जगने के पैटरà¥à¤¨ में बदलाव करें : जब à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ रात में जगता है, तो उस समय को नोट करें। फिर उसके जगने के आधे घंटे पहले जगें और उसे दूध पिलाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ करने से रात में उठकर दूध की मांग करने की बचà¥à¤šà¥‡ की मानसिकता में बदलाव आ सकता है।
दूध पिलाने की अवधि कम करें : धीरे-धीरे रात में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूध पिलाने की अवधि को कम करते जाà¤à¤‚। उदाहरण के तौर पर अगर बचà¥à¤šà¤¾ 10 मिनट दूध पीता है, तो रोजाना इसमें से कà¥à¤› मिनट घटाते जाà¤à¤‚ और इसकी à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ उसे ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खिला कर करें।
सोने से पहले दूध पिलाà¤à¤‚ : रात में बचà¥à¤šà¥‡ के सोने से पहले उसे दूध पिला कर सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का पेट à¤à¤°à¤¾ रहेगा, जिससे उसे रात में à¤à¥‚ख नहीं लगेगी और वो दूध की मांग नहीं करेगा।
दूध पीते समय बचà¥à¤šà¥‡ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ने न दें : जब à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ दूध पी रहा हो, तो उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ इधर-उधर à¤à¤Ÿà¤•ने न दें। अगर बचà¥à¤šà¤¾ दिन में ठीक से दूध पीता है, तो रात में उसके जगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो सकती है।
बोतल से दूध पीने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤
रात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के बाद यहां जानें रात में बोतल के जरिठदूध पीने की आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के उपाठ:
रात में दूध देना कम करें : जैसा कि हमने सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के टिपà¥à¤¸ में बताया है कि धीरे-धीरे दूध पिलाने की अवधि को कम करें। ठीक उसी पà¥à¤°à¤•ार बोतल के जरिठदूध पीने वाले के लिठà¤à¥€ इस टिपà¥à¤¸ को अपनाà¤à¤‚। अगर बचà¥à¤šà¤¾ रात में अधिक बार दूध की मांग करता है, तो सबसे पहले उसे रात के समय दूध पिलाने की अवधि को धीरे-धीरे कम करें।
दूध की जगह बोतल में पानी डालकर दें : अगर बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° 6 महीने से अधिक है, तो उसे दूध के अलावा, बीच-बीच में बोतल में थोड़ा पानी डालकर à¤à¥€ दे सकते हैं। इससे à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की रात में दूध पीने की आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद मिल सकती है। वहीं, इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि 6 महीने से पहले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पानी का सेवन न कराà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, 6 महीने से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को पानी देने से डायरिया की समसà¥à¤¯à¤¾ और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा हो सकती है (6)।
समय पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें : सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तरह ही बोतल के जरिठदूध पीने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के समय पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि वह दिन में कितनी बार दूध पीता है। कोशिश करें कि सà¥à¤¬à¤¹ और शाम में अचà¥à¤›à¥€ तरह दूध का सेवन कराà¤à¤‚, इससे रात में बचà¥à¤šà¤¾ दूध की मांग कम करेगा।
बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में ठोस आहार दें : हमेशा कोशिश करें कि बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में और शाम में सोने से पहले ठोस आहार का सेवन कराà¤à¤‚। यही नहीं, अगर बचà¥à¤šà¤¾ दिन में दूध पी रहा है, तो उस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि वह उसे à¤à¤Ÿà¤•े नहीं। इससे बीच रात में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥‚ख नहीं लगेगी और वो दूध की मांग न के बराबर करेगा।
बचà¥à¤šà¥‡ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ाà¤à¤‚ : अगर थोड़ी देर पहले ही बचà¥à¤šà¥‡ को अचà¥à¤›à¥‡ से दूध पिलाया गया है और वो दोबारा से दूध पीने की मांग करता है, तो उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ाने की कोशिश करें। जैसे – उसे लोरी सà¥à¤¨à¤¾ सकती हैं या थोड़ी देर के लिठबाहर टहला सकती हैं।
परिवार के दूसरे सदसà¥à¤¯ को शामिल करें : अगर बचà¥à¤šà¥‡ को दूध और अनà¥à¤¯ आहार का सेवन ठीक से कराया गया है, लेकिन वो रात में उठकर दूध की मांग करता है, तो उसे शांत कराने के लिठउसके पिता या फिर परिवार के दूसरे सदसà¥à¤¯ को शामिल करें। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ेगा और रात में दूध की मांग कम हो सकती है।
बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस कराà¤à¤‚ : à¤à¤¸à¥‡ हो सकता है कि 6 महीने के बाद जब बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥‚ किया जाà¤, तो वो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने को लेकर असहज महसूस करें और दूध पीने की मांग करें। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में संयम से काम लें और बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ दिलाà¤à¤‚ कि वो खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ उनके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं।
लेख के अंत में जानें डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह कब लें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब सलाह लें
रात में बचà¥à¤šà¥‡ की दूध पीने की आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ से संबंधित जरूरी बातें आप जान ही गठहैं। अब आगे जानिठइस संबंध में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह कब लेनी चाहिà¤à¥¤
अगर बचà¥à¤šà¤¾ रातà¤à¤° दूध पीने की मांग करता है।
अगर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न करवाने पर बचà¥à¤šà¤¾ देर तक रोता रहे।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ किठबिना बचà¥à¤šà¥‡ को नींद न आना।
6 महीने के बाद अनà¥à¤¯ आहार के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रà¥à¤šà¤¿ न दिखाने पर और बार-बार दूध की मांग करने पर।
इसके अलावा, 6 महीने के बाद à¤à¥€ लगà¤à¤— à¤à¤• से दो साल तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने की सलाह दी जाती है।
इस लेख को पढ़ने के बाद अब आप समठगठहोंगे कि बचà¥à¤šà¥‡ का रात में दूध पीना छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है। इस लेख में हमने रात में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के टिपà¥à¤¸ और सही समय के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानकारी दी है। अब हम उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि यहां बताठगठटिपà¥à¤¸ आपके लिठमददगार साबित होंगे।
| --------------------------- | --------------------------- |